बेहद मजबूत हैं गूगल और उसके प्रोडक्ट्स! Google and their products in Hindi, Tech Tips by Mithilesh

गूगल के नाम से भला कौन अंजान होगा आज! इंटरनेट दुनिया की अगर सबसे उपयोगी कंपनी का खिताब किसी को दिया जा सकता है तो वह निश्चित रूप से गूगल ही है. गूगल को सामान्य रूप से हम 'सर्च-इंजिन' के रूप में ही जानते हैं तो इसका एक दूसरा प्रोडक्ट 'जीमेल' भी दुनिया की सबसे पॉपुलर मेल सर्विस है. पर क्या हमें जरा भी अंदाजा है कि गूगल इन दोनों के अतिरिक्त भी कई ऐसी सर्विसेज ऑफर करता है, जिनका प्रयोग करने पर न केवल हमारा काम आसान हो जाता है, बल्कि कम्प्यूटर, इंटरनेट की दुनिया की असल उपयोगिता भी हमें पता चलती है. 
यह ठीक बात है कि आज इंटरनेट की दुनिया इतनी विशाल हो चुकी है कि 'सोशल मीडिया', 'गेमिंग' जैसे क्षेत्रों में भी बेहद व्यापकता के साथ अपने पाँव पसार चुकी है, किन्तु कई बार हम और आप को यह अनुभव होता है कि यार, आज 3 घंटे तो फेसबुक पर मैंने बिता लिए, किन्तु वास्तव में इससे प्रत्यक्ष रूप में मुझे हासिल क्या हुआ? गेमिंग भी कहीं न कहीं आपसे आपका समय, इंटरनेट डेटा लेता ही है. यहाँ मैं यह बात कतई नहीं कह रहा हूँ कि इन तमाम फील्ड्स का हमारे लिए कोई महत्त्व नहीं है, बल्कि 'गूगल के सन्दर्भ में आपको यह ध्यान दिलाने की कोशिश कर रहा हूँ कि इस कंपनी के तमाम प्रोडक्ट्स आपको 'व्यक्तिगत या व्यापारिक' रूप से सशक्त बनाते हैं तो आपको कदाचित ही यह फीलिंग आये कि 'गूगल या उसके प्रोडक्ट्स' पर मैंने समय खराब किया अथवा मेरा समय ख़राब हुआ! यह एक बड़ा कारण है कि तमाम कंपनियां आती हैं, कुछ तो अपने इन्नोवेटिव विचारों से तूफ़ान भी खड़ा कर लेती हैं, किन्तु गूगल की सेहत पर ज़रा भी फर्क नहीं पड़ता है. इसका सीधा कारण इस कंपनी की 'ग्राहकों की असल जरूरतों' के बारे में बेहतर समझ होना है तो अपने प्रोडक्ट्स पर इनकी रिसर्च का इस कदर मजबूत होना है कि 'मार्किट' में लम्बे समय तक वह रिलेवेंट बना रहे! आइये, गूगल सर्च, जीमेल के साथ-साथ गूगल के कुछ और प्रोडक्ट्स और उनकी उपयोगिता को समझने की कोशिश करते हैं, जो आम यूजर्स के साथ-साथ ब्लॉगर्स और तमाम वेबसाइट चलाने वालों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं: 


गूगल कैलेंडर (Google Calendar): गूगल की जो दूसरी सबसे प्यारी एवं उपयोगी सर्विस लगती है, वह निश्चित रूप से गूगल कैलेंडर ही है. इसमें आप अपने तमाम कार्य सूचीबद्ध (Schedule) कर सकते हैं, और यह ठीक नियत समय पर, या उसके पहले आपको मेल द्वारा, पॉप अप द्वारा आपको याद दिल देगा कि आपको अमुक काम करना है. यही नहीं, आप इसके माध्यम से किसी भी इवेंट के लिए गेस्ट की मेल भी डाल सकते हैं, जिससे वह इस इवेंट की अपडेट से पल-पल जुड़ा रहेगा. इसे आप एक ईआरपी की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.

गूगल वेबमास्टर (Google Webmaster Tools): कई मित्र जो अपनी वेबसाइट या ब्लॉग बनाते हैं, वह चाहते हैं कि उनकी वेबसाइट गूगल सर्च में सबसे ऊपर आये, तो इसके लिए गूगल ने टूल दिया है 'वेबमास्टर' का! इसमें अपनी वेबसाइट शामिल करने के लिए इस लिंक/ यूआरएल पर जाएँ (https://www.google.com/webmasters/tools/home?hl=en). इसके बाद इसमें ऐड अ प्रॉपर्टी (ADD A PROPERTY) पर क्लिक करने के बाद अपनी वेबसाइट का यूआरएल सबमिट करें, फिर कंटिन्यू बटन दबाएं. 
इसके बाद आपको गूगल अपनी वेबसाइट की ओनरशिप वेरीफाई करने के लिए कहेगा, जिसमें HTML फाइल को अपलोड करने के अतिरिक्त, कुछ अल्टेरनेट मेथड भी शामिल हैं. इन विधियों का प्रयोग करके अपनी वेबसाइट की ओनरशिप डिफाइन करें. वेरीफाई करने के बाद आपको डैशबोर्ड > क्रॉल > साईटमैप क्लिक करके अपनी साइटमैप का अड्रेस डालिये. (अगर आपकी वेबसाइट ब्लॉगर में है तो साइटमैप यहाँ से देखिये: https://support.google.com/blogger/answer/97933?hl=en. 
और अगर आप वर्डप्रेस में काम कर रहे है तो अपने में यूआरएल के आगे feed लिखें, या वर्डप्रेस प्लगइन Yoast SEO से साइट मैप जेनरेट करें.) गूगल में वेबसाइट/ ब्लॉग सबमिट करने का एक ही मकसद होता है कि आपकी वेबसाइट को ज्यादे से ज्यादे हिट (विजिट) मिले. इसके लिए अगर आप किसी विशेष देश के ट्रैफिक को टारगेट करना चाहते हैं तो वेबमास्टर के डैशबोर्ड में Search Traffic > International Targeting को क्लिक करें और अपने पसंदीदा देश को सेलेक्ट करें. जाहिर है, इंटरनेट की दुनिया में नए ब्लॉग, वेबसाइट बनाने वालों के लिए गूगल का यह टूल बेहद उपयोगी होता है. 


गूगल फीडबर्नर (Google Feedburner): आपके ब्लॉग (वर्डप्रेस या ब्लॉगस्पॉट या कोई अन्य फीड) की फीड को ईमेल सब्स्क्राइबर और ट्रैफिक का विश्लेषण (एनालाइज) करना, फीड्स को अनेक टूल्स के माध्यम से ऑप्टिमाइज़ करना और ट्रैफिक बढ़ाने के लिए कंटेंट को पब्लिसाइज करने का सबसे बढ़िया ऑप्शन है फीडबर्नर. अगर आप अपने ब्लॉग की फीड को इसमें लिस्ट करना चाहते हैं तो अपने जीमेल अकाउंट से लॉगिन करने के बाद आप इस यूआरएल को टाइप करें: https://feedburner.google.com तत्पश्चात Burn a feed right this instant के नीचे के बॉक्स में अपने ब्लॉग-फीड के एड्रेस को टाइप करें और नेक्स्ट बटन क्लिक करें. (अगर आपका ब्लॉग ब्लॉगस्पॉट पर है तो ब्लॉग अड्रेस डालना काफी है और अगर वर्डप्रेस पर है तो अपने ब्लॉग यूआरएल के आगे /feed जोड़ें.) अगली विंडो में आपसे फीड-टाइटल और फीड-अड्रेस (यूआरएल) माँगा जाएगा, जिसे आप सावधानी से, अपने ब्लॉग से मिलता जुलता 'टेक्स्ट' जोड़ दें. तत्पश्चात नेक्स्ट, नेक्स्ट करने के बाद आपके सामने फीडबर्नर का डैशबोर्ड आ जायेगा, जहाँ आपको Analyze | Optimize | Publicize | Troubleshootize के बटन दिखेंगे. एनालाइज में आप सब्सक्राइबर्स और आइटम के यूज को देख सकते हैं तो ऑप्टिमाइज़ में BrowserFriendly, SmartCast, SmartFeed, FeedFlare, Link Splicer जैसे कई लिंक दिखेंगे, जिनका सुविधानुसार आप प्रयोग कर सकते हैं. वहीँ पब्लिसाइज में Headline Animator (Display rotating headlines),BuzzBoost (Republish your feed as HTML), Email Subscriptions (Offer feed updates via email), PingShot (Notify services when you post), FeedCount (Show off your feed circulation), Socialize (Publish to the social web), Chicklet Chooser,Creative Commons, Password Protector, NoIndex जैसे कई टूल दिखेंगे, ईमेल सब्स्क्रिप्शन्स को सेट करने के लिए, पहले इसे क्लिक करके एक्टिवेट बटन दबाएं, फिर इसके चार सब-ऑप्शंस ( Subscription Management, Communication Preferences, Email Branding, Delivery Options) को एक-एक करके मैनेज करें. Subscription मैनेजमेंट में आपको दो कोड मिलेंगे, जिन्हें किसी एक को आप अपने ब्लॉग पर लगा सकते हैं, जिसे क्लिक करके आपके ब्लॉग को यूजर सब्सक्राइब कर सकता है. और हाँ Delivery Options में टाइम जोन और मेल डिलिवरी का समय सेट करना न भूलें. मुझे विश्वास है कि आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने में यह एक महत्वपूर्ण टूल साबित होगा.

जीमेल के छिपे फीचर्स (More features of gmail): गूगल की दूसरी सबसे लोकप्रिय सर्विस इसकी मेल सर्विस है. आज के समय में पूरे विश्व की इमेल्स में 23 फीसदी से ज्यादा मार्किट शेयर अकेला जीमेल का है, जबकि इसके सबसे करीब याहू (10 फीसदी) और हॉटमेल (10 फीसदी) ही हैं. आप में से अधिकांश लोग भी इस मेल को जरूर इस्तेमाल करते होंगे. मेल भेजने के अतिरिक्त आप इसकी सेटिंग में जाकर तमाम सुविधाओं का लाभ भी ले सकते हैं, जिसमें सिग्नेचर एड करना, वेकेशन रेस्पोन्डेर एड करना, लेबल्स (फोल्डर) मैनेज करना, इनबॉक्स की प्रायोरिटी मैनेज करना, POP3 अकाउंट से मेल भेजना एवं प्राप्त करना, मेल को फ़िल्टर करना एवं अपनी सभी मेल को या फ़िल्टर्ड मेल को दूसरी मेल पर फॉरवर्ड करना, जीमेल ऑफलाइन इस्तेमाल करना (क्रोम-प्लगइन), विभिन्न प्रकार की थीम/ डिज़ाइन इस्तेमाल कर सकते हैं. यह सभी फीचर अत्यंत ही उपयोगी एवं इस्तेमाल में सरल हैं. इसके अतिरिक्त जीमेल-सेटिंग की 'लैब'-टैब में आपको तमाम सुविधाएं मिलेंगी, जिन्हें सक्रीय करके आप अपने मेल अनुभव को और भी बेहतर कर सकते हैं जैसे- मेल अनडू (मेल भेजने के कुछ सेकण्ड बाद तक आप उसे वापस कर सकते हैं). इसी तरह अनरीड-आइकॉन, मल्टिपल इनबॉक्स जैसी तमाम सुविधाएं आपका मनमोह लेंगी. हालाँकि इन्हें इस्तेमाल करने के लिए, पहले पहल थोड़ी उलझन जरूर होगी, लेकिन आगे आप खुद ही समझते जायेंगे.

गूगल सर्च का 'सर्च टूल' (Make search more better in google): दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजिन. इसकी महत्ता का अंदाजा आप इस बात से ही लगा लीजिये कि गूगल भगवान, गूगल देवता इत्यादि उपनाम सब इसी गूगल-सर्च के ही हैं. यदि इंटरनेट आज सूचनाओं का इतना बड़ा श्रोत बना है तो उसमें गूगल का योगदान सर्वाधिक है. हम आप सर्च करते ही हैं, लेकिन सर्च को और भी स्पेसिफिक बनाने के लिए कई लोगों की तरह आप भी 'सर्च टूल' का इस्तेमाल करें. 'सर्च टूल' सर्च बार के ठीक नीचे ही होता है. इस 'सर्च टूल्स' को क्लिक करते ही देश के हिसाब से, समय के हिसाब से ऑप्शन मिल जायेंगे. यदि आप इमेज सर्च कर रहे हैं तो इमेज की साइज, कलर, टाइप इत्यादि ऑप्शन आपकी सर्च को काफी हद तक सुविधाजनक बना सकते हैं. यदि आप बोल कर सर्च करना चाहते हैं तो 'सर्च बटन' के पास में माइक्रोफोन का ऑप्शन आपकी मदद कर सकता है. आपके मोबाइल फोन में यह ऑप्शन तो आपकी बहुत मदद करता है. इतना ही नहीं, गूगल फॉर्म्स, एडवर्ड्स, ऐडसेंस, एडमॉब, गूगल मैप्स, ड्राइव, ब्लॉगर, ट्रेंड्स जैसे दर्जनों और भी प्रोडक्ट्स हैं, जिनकी डिस्कशन हम अगले लेखों में आपसे करेंगे. तब तक आप भी गूगल सर्च का उपयोग कीजिये और हाँ, गूगल को धन्यवाद कहना नहीं भूलियेगा!
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